मोहाली होटल में दो बहनों से मारपीट का आरोप, CCTV वायरल होने के बाद चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर

होटल में पहुंची पुलिस, मारपीट और कैमरे बंद कराने का आरोप होटल में पहुंची पुलिस, मारपीट और कैमरे बंद कराने का आरोप
होटल में पहुंची पुलिस, मारपीट और कैमरे बंद कराने का आरोप

मोहाली: पंजाब के मोहाली जिले के बलटाना इलाके से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। एक होटल में घुसकर चौकी इंचार्ज पर दो बहनों के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पंजाब पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित चौकी इंचार्ज हरजिंदर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पीड़ित बहनों का दावा है कि वे बलटाना स्थित होटल मैंगो का संचालन करती हैं। उनका आरोप है कि चौकी इंचार्ज पिछले काफी समय से हर महीने 20 हजार रुपये देने का दबाव बना रहे थे। उनका कहना है कि पहले वे यह राशि देती थीं, लेकिन पिछले दो महीनों से होटल बंद रहने के कारण भुगतान नहीं कर सकीं। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर पुलिस होटल पहुंची और उनके साथ मारपीट की।

होटल में पहुंची पुलिस, मारपीट और कैमरे बंद कराने का आरोप

होटल संचालिका के मुताबिक, 29 जुलाई की रात चौकी इंचार्ज कुछ पुलिसकर्मियों के साथ होटल पहुंचे। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना किसी स्पष्ट कारण के होटल के अंदर घुसे और दोनों बहनों के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट शुरू कर दी। जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें होटल से बाहर निकलने के लिए कहा गया। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

बहनों ने यह भी दावा किया कि घटना से पहले होटल में लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरों को बंद करा दिया गया था, ताकि कोई सबूत न बच सके। हालांकि, तकनीकी कारणों से एक कैमरा चालू रह गया, जिसमें पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। यही फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने तत्काल प्रभाव से चौकी इंचार्ज हरजिंदर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और वायरल वीडियो, पीड़ितों के आरोपों तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा.

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