चंडीगढ़: पंजाब में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 प्रक्रिया के पहले चरण का काम निर्धारित समय से एक दिन पहले पूरा कर लिया गया है। इस चरण में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया और उनके गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) का डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार अब तक करीब 1.94 करोड़ मतदाताओं के फॉर्म एकत्र कर डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किए जा चुके हैं।
अधिकारियों के मुताबिक यह संख्या राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 90.37 प्रतिशत है। शेष मतदाताओं तक पहुंचने के लिए निर्वाचन विभाग अगले चरण में विशेष अभियान चलाएगा।
12 लाख मतदाताओं से दोबारा होगा संपर्क
मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंदिता मित्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि जिन लगभग 12 लाख मतदाताओं का सत्यापन अभी तक नहीं हो सका है, उनसे 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच फिर से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल संपर्क न हो पाने के आधार पर किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग का उद्देश्य सभी योग्य मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
SIR-2026 अभियान के दौरान राज्य में मतदान केंद्रों का पुनर्गठन (Rationalisation) भी किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत 879 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके बाद पंजाब में कुल मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 25,332 हो गई है, जबकि पहले यह संख्या 24,453 थी।
निर्वाचन विभाग का मानना है कि नए मतदान केंद्र बनने से मतदाताओं को मतदान के दौरान अधिक सुविधा मिलेगी और मतदान प्रक्रिया को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
13 अगस्त से शुरू होगा अगला चरण
निर्वाचन विभाग के अनुसार SIR-2026 का अगला चरण 13 अगस्त से शुरू होगा। इस दौरान छूटे हुए मतदाताओं का सत्यापन, दावों और आपत्तियों से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सभी आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद 12 अक्टूबर 2026 को पंजाब की अंतिम संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि अब तक उनका सत्यापन नहीं हो पाया है तो वे आगामी अभियान के दौरान निर्वाचन कर्मचारियों का सहयोग करें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो सके।