जालंधर,
एचडीएफसी बैंक के सीएसआर कार्यक्रम ‘परिवर्तन’ के तहत पंजाब में अब तक 37 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने का दावा किया गया है। वर्ष 2015 से राज्य में सक्रिय यह कार्यक्रम पंजाब के 23 में से 21 जिलों तक पहुंच बना चुका है। इनमें दो एस्पिरेशनल जिले और दो एस्पिरेशनल ब्लॉक भी शामिल हैं।
परिवर्तन कार्यक्रम के तहत बैंक ने ग्रामीण विकास, शिक्षा, कौशल एवं आजीविका, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को प्रमुख फोकस क्षेत्र बनाया है।
खेती और ग्रामीण विकास पर जोर
पंजाब में कार्यक्रम के तहत 2,677 एकड़ भूमि को सिंचाई के दायरे में लाया गया, जबकि 265 एकड़ में केमिकल-फ्री खेती को बढ़ावा दिया गया। वहीं, 53,368 किसानों को विभिन्न पहलों से सहायता मिली।
मोगा, फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर और पटियाला में ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के माध्यम से माइक्रो-इरिगेशन, किसान फील्ड स्कूल, मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर और तकनीकी प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट, जल शुद्धिकरण, कोल्ड स्टोरेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं पर भी काम किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर काम
शिक्षा क्षेत्र में 2,225 ईसीएसएस छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं और 98 स्मार्ट स्कूल विकसित किए गए। इन पहलों से करीब 24,500 विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा।
अमृतसर, फरीदकोट, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और पठानकोट में स्कूल आधुनिकीकरण के साथ आईसीटी, WASH और जलवायु-अनुकूल सुविधाओं को मजबूत किया गया। डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम के तहत 13 से अधिक जिलों में आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लासरूम और STEM लर्निंग टूल स्थापित किए गए, जिससे करीब 10,500 विद्यार्थियों को लाभ मिला।
युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल
कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में 115 कम्युनिटी एंटरप्राइजेज को सहायता मिली, जबकि 11,210 लोगों को HRDP और FDP के तहत प्रशिक्षण दिया गया।
मोहाली और लुधियाना में युवाओं को बैंकिंग, आईटी, हेल्थकेयर, रिटेल और मीडिया जैसे क्षेत्रों में सेक्टर-विशिष्ट प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, बरनाला और मोगा में प्रोजेक्ट STREE के माध्यम से महिला किसानों को संगठित कर उन्हें किसान उत्पादक कंपनियों, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, कस्टम हायरिंग सेंटर और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी फोकस
कार्यक्रम के तहत 20 गांवों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा से जोड़ा गया। अमृतसर में कैंसर उपचार से जुड़ी रेडियोथेरेपी, टेलीथेरेपी, ब्रैकीथेरेपी और कीमोथेरेपी जैसी सुविधाओं को मजबूत करने में सहयोग किया गया है।
मोगा में मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए जरूरतमंद लोगों को जांच, परामर्श, दवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और एनीमिया स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। पठानकोट में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
पराली प्रबंधन और सौर ऊर्जा को बढ़ावा
प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के तहत 859 सोलर लाइटें लगाई गईं और 268 जल संरक्षण संरचनाएं तैयार की गईं। संगरूर और लुधियाना में फसल अवशेष प्रबंधन के तहत बायोमास पेलेट, कंपोस्टिंग और पुआल आधारित बायोगैस जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मोगा, मुक्तसर, मोहाली, होशियारपुर, पटियाला, संगरूर, पठानकोट और जालंधर में सरकारी स्थानों, स्कूलों और खेल परिसरों के सोलराइजेशन के साथ सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने पर भी जोर दिया गया है।
8.93 लाख से अधिक लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति जागरूक किया
वित्तीय साक्षरता और समावेशन के तहत ‘विजिल आंटी’ पहल के माध्यम से 8.93 लाख से अधिक लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति जागरूक किया गया।
एचडीएफसी बैंक के अनुसार, पंजाब में परिवर्तन कार्यक्रम की पहलों का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य तथा प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना है।
एचडीएफसी बैंक की सीएसआर हेड नुसरत पठान ने कहा कि परिवर्तन के तहत पंजाब में किसानों को टिकाऊ खेती से लेकर शिक्षा, कौशल और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तक जरूरत के अनुसार हस्तक्षेप किए जा रहे हैं।
बैंक के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक समाप्त वित्त वर्ष में एचडीएफसी बैंक ने देशभर में सीएसआर पहलों पर 1,316 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि परिवर्तन कार्यक्रम के जरिए देशभर में 10.77 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया गया है।
