Travel Agent Fraud: जालंधर बस स्टैंड के पास स्थित सेंटर मार्केट में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। वहां बिना वैध लाइसेंस के चलाई जा रही एक ट्रैवल एजेंसी द्वारा युवाओं से वर्क परमिट और वीजा दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने के आरोप लगे हैं। पैसे लेने के बाद जब वीजा नहीं मिला और ट्रैवल एजेंट दफ्तर बंद करके फरार हो गए, तो आक्रोशित पीड़ितों ने दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा किया।

वर्क परमिट का झांसा देकर ऐंठे लाखों रुपये
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बिना लाइसेंस चल रही थी एजेंसी: पीड़ितों के अनुसार, सेंटर मार्केट में ‘रंजीत ट्रैवल्स’ (Ranjeet Travels) नाम की एजेंसी बिना किसी कानूनी व वैध लाइसेंस के चलाई जा रही थी।
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झांसा देकर पैसे ठगे: रंजीत कौर और उसके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने पीड़ितों को विदेशों में पक्का वर्क परमिट और वीजा दिलवाने का झांसा दिया और उनसे भारी-भरकम राशि वसूल ली।
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दफ्तर बंद कर फरार: महीनों बीत जाने के बाद भी जब किसी को वीजा नहीं मिला और पैसे वापस मांगने का दबाव बढ़ा, तो आरोपी दफ्तर में ताला लगाकर फरार हो गए।
पुलिस प्रशासन पर ढिलाई और दबाव बनाने के आरोप
दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे पीड़ितों ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए:
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112 पर कॉल के बाद भी देरी: पीड़ितों का आरोप है कि 112 नंबर पर शिकायत दर्ज कराने और पीसीआर (PCR) टीम के मौके पर पहुँचने के बावजूद घंटों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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समझौते का दबाव: पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग और ट्रैवल एजेंटों के समर्थक मौके पर पहुँचकर उन पर मामले को दबाने और बिना पैसे लिए रफा-दफा करने का दबाव बनाते दिखे।
उच्च अधिकारियों से शिकायत और कड़ी कार्रवाई की मांग
पीड़ितों ने एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (Anti Corruption Foundation of India) के प्रतिनिधियों के सहयोग से अपना पक्ष रखा और प्रशासन को चेतावनी दी:
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बाबा बकाला साहब और उच्चाधिकारियों का रुख: पीड़ितों ने कहा कि यदि उनके फंसे हुए पैसे जल्द वापस नहीं दिलवाए गए, तो वे बाबा बकाला साहब और राज्य के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष पेश होकर मामला दर्ज करवाएंगे।
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अवैध एजेंसियों पर कसे शिकंजा: उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि राज्य में अवैध रूप से चल रही फर्जी ट्रैवल एजेंसियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों की मेहनत की कमाई को लुटने से बचाया जा सके।
