पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच मांगों को लेकर टकराव चरम पर पहुंच गया है। ‘पंजाब साझा मुलाजिम मंच’ के आह्वान पर क्लेरिकल स्टाफ मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ स्थित सरकारी दफ्तरों में सामूहिक छुट्टी (Mass Leave) पर चला गया। कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने, महंगाई भत्ते (DA) की बकाया किस्तें जारी करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जैसी 14 प्रमुख मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

चंडीगढ़-मोहाली में साथी कर्मचारी पर हुए हमले के विरोध में कई कर्मचारी काले कपड़े पहनकर भूख हड़ताल पर भी बैठे। वहीं, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए हड़ताल छोड़कर बातचीत की टेबल पर आने की अपील की है।
सरकार की चेतावनी बनाम साझा मुलाजिम मंच के 12 सवाल
एक तरफ जहां सरकार ने हड़ताल से जनता को होने वाली परेशानी पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है, वहीं साझा मुलाजिम मंच ने पलटवार करते हुए राज्य सरकार के सामने 12 तीखे सवाल दागे हैं:
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विधायकों की पेंशन: विधायकों (MLAs) की पेंशन 15% से बढ़ाकर 60% क्यों की गई? सरकार जनता को इसका जवाब दे।
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धरनों से सत्ता का सफर: सत्ता में आने से पहले आप खुद कर्मचारियों के धरनों में बैठते थे, अब वही कर्मचारी बुरे कैसे हो गए?
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विज्ञापनों पर खर्च: पिछले साढ़े 4 सालों में विज्ञापनों और प्रचार पर कितना पैसा खर्च किया गया?
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कोर्ट का रुख: यदि कर्मचारी परिवार का हिस्सा हैं, तो हाईकोर्ट में हारने के बाद सरकार उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट क्यों गई?
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पे-स्केल का हक: पे-स्केल देना कर्मचारियों का संवैधानिक हक है, सरकार का कोई अहसान नहीं।
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हक या भीख: क्या कर्मचारी भीख मांग रहे हैं या अपने खून-पसीने की मेहनत का हक?
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पुरानी पेंशन का वादा: चुनाव से पहले वादा की गई पुरानी पेंशन योजना (OPS) और बकाया DA पर सरकार की चुप्पी क्यों है?
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समर्थकों का विरोध: जो कर्मचारी फूलों की वर्षा करके आपको सत्ता में लाए थे, वे सड़कों पर उतरने को मजबूर क्यों हैं?
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वेतन में दोहरा रवैया: क्लास-1 अधिकारियों को 60% DA दिया जा रहा है, तो छोटे कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों?
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नौकरियों का सच: 72,000 नौकरियों का प्रचार करने वाली सरकार बताए कि शुरुआती 3 सालों में कर्मचारियों को कितना कम वेतन दिया जाता है?
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हर वर्ग में नाराजगी: यदि सरकार का काम बेहतर है तो किसान, मजदूर और कर्मचारी सड़कों पर क्यों भटक रहे हैं?
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पंजाब की आर्थिक स्थिति: सरकार बताए कि अपने कार्यकाल में पंजाब की कौन-कौन सी संपत्तियां और संसाधन गिरवी रखे गए?
हड़ताल को सफल बनाने के लिए यूनियन की रणनीति
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काले कपड़ों में रोष प्रदर्शन: हड़ताल के दौरान सभी कर्मचारी काले कपड़े पहनकर या काले बिल्ले लगाकर अनुशासित व शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
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सेवानिवृत्त कर्मियों की विशेष टीमें: हड़ताल का जायजा लेने के लिए रिटायर्ड कर्मचारियों की विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो 8 सितंबर को विभिन्न कार्यालयों का दौरा कर यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई कर्मचारी काम न कर रहा हो।
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यूनियनों की एकजुटता: साझा मुलाजिम मंच के प्रधान सुखचैन सिंह खैहरा ने स्पष्ट किया है कि सभी कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं और मंत्रियों के बयानों को केवल हवा-हवाई करार दिया है।
पंजाब कर्मचारी हड़ताल और साझा मुलाजिम मंच का संक्षिप्त विवरण
| मुख्य पहलू | विवरण / महत्वपूर्ण तथ्य |
| मुख्य संगठन | पंजाब साझा मुलाजिम मंच |
| मुख्य मांगें | पुरानी पेंशन (OPS) बहाली, DA की बकाया किस्तें, कच्चे कर्मियों को पक्का करना (कुल 14 मांगें) |
| विरोध का तरीका | सामूहिक छुट्टी, काले कपड़े पहनकर भूख हड़ताल व प्रदर्शन |
| सरकार का रुख | मंत्री अमन अरोड़ा द्वारा काम पर लौटने की चेतावनी और बातचीत की अपील |
| यूनियन नेतृत्व | सुखचैन सिंह खैहरा (प्रधान, साझा मुलाजिम मंच) |
