पंजाब के संगरूर जिले में नशे की खुलेआम बिक्री को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने वाले बुजुर्ग गुलजार सिंह का देर रात लुधियाना के डीएमसी (DMC) अस्पताल में निधन हो गया। गुलजार सिंह की मौत से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपनी इस गंभीर स्थिति और मौत के लिए वित्त मंत्री हरपाल चीमा तथा अपने गांव के सरपंच को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
देर रात करीब 11 बजे जैसे ही उनकी मौत की खबर सामने आई, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर राज्य सरकार और पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए।
‘बेटे के नशे की लत पर पूछा था सवाल, पुलिस ने किया प्रताड़ित’: चन्नी
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए आरोप लगाया:
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सवाल पूछने की सजा: संगरूर के दिड़बा विधानसभा क्षेत्र के एक गांव के निवासी गुलजार सिंह ने केवल इतना पूछा था कि उनका बेटा कहां से नशा खरीद रहा है, जबकि सरकार राज्य में नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के बड़े-बड़े दावे कर रही थी।
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पुलिस प्रताड़ना और खौफ: चन्नी के अनुसार, इस सवाल से नाराज होकर संगरूर पुलिस ने बुजुर्ग के घर जाकर उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इसी खौफ और दबाव के चलते गुलजार सिंह ने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान मौत हो गई।
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कार्रवाई की मांग: चन्नी ने मांग की है कि मृतक के आखिरी बयानों और वीडियो के आधार पर संबंधित मंत्री, सरपंच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
संगरूर घटनाक्रम और विवाद का संक्षिप्त विवरण
| मुख्य पहलू | विवरण / महत्वपूर्ण तथ्य |
| मृतक का नाम | गुलजार सिंह |
| घटनास्थल / अस्पताल | डीएमसी (DMC) अस्पताल, लुधियाना |
| संबंधित क्षेत्र | दिड़बा विधानसभा हलका, जिला संगरूर |
| वायरल वीडियो का दावा | मौत के लिए वित्त मंत्री हरपाल चीमा व गांव के सरपंच को जिम्मेदार ठहराया |
| विवाद का मुख्य कारण | नशे की बिक्री पर मंत्री से सवाल पूछने के बाद पुलिस प्रताड़ना का आरोप |
| विपक्ष का रुख | पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा सरकार व पुलिस पर निष्पक्ष जांच की मांग |
