मोहाली के बहुचर्चित सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पंजाब के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं वर्तमान अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अनुराग वर्मा बुधवार को जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जोनल कार्यालय में पेश हुए।

इससे पहले ईडी ने उन्हें दो बार समन जारी किया था, लेकिन जरूरी प्रशासनिक दस्तावेज जुटाने के लिए उन्होंने अतिरिक्त समय मांगा था। बुधवार सुबह ठीक 11:07 बजे अनुराग वर्मा हाथ में दस्तावेजों की फाइल लेकर ईडी दफ्तर पहुंचे और सीधे अधिकारियों के समक्ष पेश हुए।
क्या है पूरा मामला और जांच का मुख्य बिंदु
प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में निजी बिल्डरों और तत्कालीन विभागीय अधिकारियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रहा है:
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तत्कालीन विभागीय जिम्मेदारी: जिस समय सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स में कथित गड़बड़ियां और नियमों का उल्लंघन हुआ, उस दौरान अनुराग वर्मा आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख पद पर तैनात थे।
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CLU और अवैध लेआउट की जांच: ईडी की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि क्या निजी बिल्डरों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) की मंजूरी और अवैध लेआउट प्लान में नियमों को ताक पर रखा गया था।
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धारा 90 बनाम धारा 85 का आरोप: आरोप है कि ‘पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट’ की धारा 90 के तहत की जाने वाली सख्त दंडात्मक कार्रवाई को नजरअंदाज कर केवल धारा 85 के तहत हल्की कार्रवाई की गई, जिससे बिल्डरों को सीधी राहत मिली।
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अन्य अधिकारियों से पूछताछ: इसी मामले में एक अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कंवरप्रीत बराड़ भी पहले दो बार ईडी के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज करवा चुकी हैं।
सनटेक सिटी-अनुराग वर्मा पेशी मामले का संक्षिप्त विवरण
| मुख्य पहलू | विवरण / महत्वपूर्ण तथ्य |
| संबंधित अधिकारी | अनुराग वर्मा (आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव – राजस्व) |
| जांच एजेंसी | प्रवर्तन निदेशालय (ED), जालंधर जोनल ऑफिस |
| मुख्य प्रोजेक्ट/कंपनी | सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, मोहाली |
| जांच का दायरा | नियमों का उल्लंघन, फर्जी CLU मंजूरी और वित्तीय अनियमितताएं |
| पूर्व में पेश अधिकारी | कंवरप्रीत बराड़ (आईएएस) |
