लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के साथ अनादर (बेअदबी) करने की घटना के विरोध में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा दिए गए ‘लुधियाना बंद’ के आह्वान का मिला-जुला असर देखने को मिला। संगठनों की ओर से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद की कॉल दी गई थी।

शहर के कई प्रमुख बाजारों में दुकानें खुली रहीं, लेकिन जालंधर बाईपास चौक पर संगठनों द्वारा दिए जा रहे धरना-प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही और भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई।
पुलिस-प्रशासन पर उठाए सवाल; आरोपियों की गिरफ्तारी तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शनकारी संगठनों के नेताओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं:
-
प्रशासनिक लापरवाही का आरोप: नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ऐसी संवेदनशील घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है। इससे पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है, लेकिन पुलिस ने उस मामले में भी कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की।
-
सख्त अल्टीमेटम: संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक प्रतिमा का अनादर करने वाले असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका रोष प्रदर्शन जारी रहेगा। फिलहाल बंद का आह्वान एक दिन के लिए ही था।
-
नेताओं की मौजूदगी: इस विरोध प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गुरदीप सिंह गोशा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस; जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन
दूसरी ओर, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है:
-
ट्रैफिक डायवर्जन: ADCP समीर वर्मा ने बताया कि जालंधर बाईपास पर धरने के कारण पैदा हुई यातायात समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने नया रूट प्लान तैयार कर ट्रैफिक को अन्य मार्गों की ओर डायवर्ट किया है।
-
विशेष टीमों का गठन: एडीसीपी ने बताया कि मामले की गहनता से जांच के लिए कई विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
-
तकनीकी जांच: घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारी नेताओं से लगातार बातचीत की जा रही है।
