Bank Strike in Jalandhar: मांगों को मनवाने के लिए, बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस’ (UFBU) के बैनर तले जालंधर में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जालंधर में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) की मुख्य शाखा के बाहर इकट्ठा होकर, कर्मचारियों ने सरकार पर अपने वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए नारेबाज़ी की। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया।

**मुख्य मांगें**
**5-दिन का वर्किंग वीक:** यूनियन नेताओं ने बताया कि जुलाई में सरकार के साथ 5-दिन के वर्किंग वीक (काम के हफ़्ते) को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन अब सरकार इसे लागू करने से पीछे हट रही है।
**PLI का समान वितरण:** परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में असमानता का विरोध करते हुए, यूनियन ने मांग की कि क्लर्क और सबऑर्डिनेट स्टाफ़ को भी स्केल-4 और सीनियर अधिकारियों की तरह ही समान और पारदर्शी तरीके से PLI मिले।
**हड़ताल का शेड्यूल और चेतावनी**
कर्मचारियों ने साफ़ किया कि आज का विरोध प्रदर्शन एक दिन की सांकेतिक हड़ताल थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज़ किया जाएगा:
**अगला चरण:** तीन दिन की हड़ताल की जाएगी; शनिवार और रविवार की छुट्टियों को मिलाकर, इससे कुल पाँच दिनों तक बैंकिंग सेवाएँ बाधित रहेंगी। अनिश्चितकालीन हड़ताल: अगर इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकलता है, तो 26 अक्टूबर से देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी।
‘नो वर्क, नो पे’ के बावजूद संघर्ष जारी
बैंक कर्मचारियों ने कहा कि भले ही हड़ताल पर जाने से ‘नो वर्क, नो पे’ (काम नहीं तो वेतन नहीं) नियम के तहत वेतन में कटौती होती है, फिर भी वे अपने अधिकारों और सम्मान के लिए इस लोकतांत्रिक संघर्ष को जारी रखेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें अपना वेतन ही क्यों न गंवाना पड़े।
