Gurdaspur School Controversy: गुरदासपुर के एक निजी स्कूल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पांचवीं कक्षा के एक मासूम छात्र पर स्कूल में शराब लाने का आरोप लगाकर उसे स्कूल से निकाल (एडमिशन रद्द) दिया गया। बच्चे के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए प्रबंधन पर बच्चे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

परिजनों के गंभीर आरोप
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मानसिक उत्पीड़न: बच्चे की मां के अनुसार, परिजनों को सूचित किए बिना स्कूल में बच्चे को कड़ी डांट पिलाई गई और झूठा आरोप लगाकर डराया-धमकाया गया।
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घर में कोई नहीं पीता शराब: परिवार का कहना है कि उनके पूरे घर में कोई भी व्यक्ति शराब का सेवन नहीं करता है, इसलिए बच्चे द्वारा घर से शराब ले जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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बच्चा खौफ में: इस घटना के बाद बच्चा बुरी तरह डर गया है और उसने दोबारा स्कूल जाने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों के मुताबिक, उनकी बेटी भी इस घटना के बाद से डिप्रेशन में है।
CM मान और शिक्षा मंत्री से शिकायत; DEO ने शुरू की जांच
पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, गृह सचिव और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का बयान: जिला शिक्षा अधिकारी परमजीत ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
