Jalandhar Politics: डिजिटल भुगतान पर हाल ही में चर्चा में आए नियमों और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी जालंधर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंककर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए ₹2,000 से अधिक के यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट शुल्क/टैक्स लगाने के फैसले को आम जनता और मध्यम वर्ग के साथ धोखा बताया।

“₹2,000 से ज्यादा का डिजिटल भुगतान हर घर की जरूरत”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज के समय में ₹2,000 की रकम बहुत सीमित हो चुकी है:
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सामान्य खर्चों पर असर: घर का राशन, बिजली-पानी का बिल, बच्चों की स्कूल फीस, इलाज का खर्च और छोटे दुकानदारों का लेनदेन अब आसानी से ₹2,000 के आंकड़े को पार कर जाता है।
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डिजिटल इंडिया पर सवाल: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार देश में ‘डिजिटल इंडिया’ का प्रचार करती है, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल पेमेंट करने वाले आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों, किसानों और मजदूरों की जेब काटने का काम कर रही है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
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आदेश की वापसी: ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर टैक्स/शुल्क लगाने के फैसले को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए।
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डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन: डिजिटल भुगतान अपनाने वाले नागरिकों को हतोत्साहित करने के बजाय सरकार को सुविधाएं और प्रोत्साहन देना चाहिए।
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आम जनता को राहत: महंगाई, जीएसटी (GST) और अन्य आर्थिक बोझ से जूझ रहे मध्यम वर्ग और गरीबों पर अतिरिक्त वित्तीय मार डालना बंद किया जाए।
(नोट: केंद्र सरकार व वित्त मंत्रालय के स्पष्टीकरण के अनुसार, UPI पर पर्सन-टू-पर्सन लेन-देन पूरी तरह से मुफ्त रहेगा और मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का नियम मुख्य रूप से बड़े व्यावसायिक मर्चेंट भुगतानों पर लागू होता है, जिसे ग्राहकों से वसूलने की अनुमति नहीं है।)
विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे प्रमुख नेता व पदाधिकारी
जालंधर में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए:
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वरिष्ठ नेतृत्व: जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजिंदर बेरी, सुरिंदर कौर (हल्का प्रभारी, जालंधर वेस्ट), परमजोत सिंह शेरी चड्ढा, पवन कुमार, गुरविंदर पाल सिंह बंटी नीलकंठ और प्रेम नाथ डकोहा।
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प्रमुख कार्यकर्ता व सदस्य: रविश राज शर्मा, प्रभदयाल भगत, जगदीप सिंह सोनू संधार, सोम राज सोमी, राजेश जिंदल, अमन धनोवाली, सुनील कुमार, रमेश कुमार, हरदीप सिंह, मंजीत सिंह सिमरन, अशोक हंस, सरबजीत मन्ना, मनमोहन बंगा, जतिंदर जोनी, सतपाल मिक्का, राजीव गिल, करण वर्मा, अश्वनी शर्मा, कुलदीप शर्मा, हामिद मसीह, आलम, विनोद खन्ना, हैदर, सुभाष ढल, गुलशन मिड्डा और यश पाल सफरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
