Punjab News: जालंधर (मेजर टाइम्स) जालंधर में राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह के निवास स्थान के बाहर आज पंजाब भर से पहुंची सैकड़ों आंगनवाड़ी वर्करों ने ‘जवाब मांग रैली’ के तहत जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भारी संख्या में पहुंची महिला वर्करों ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों, मानदेय में बढ़ोतरी न किए जाने और लंबित मांगों को लेकर जम कर नारेबाजी की। प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए सांसद के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
“12 साल पहले पीएम मोदी ने किया था वादा, आज मिल रहे महज ₹2,700” — आंगनवाड़ी वर्कर
वर्करों ने कहा कि 12 साल पहले केंद्र में सरकार बनने के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनवाड़ी वर्करों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि और पेंशन स्कीम लागू करने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।
केंद्र सरकार की 60:40 अनुपात वाली योजना के तहत वर्करों को केवल ₹2,700 का मानदेय दिया जा रहा है। इतने कम वेतन के बावजूद उनसे नशा मुक्ति अभियान, ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ और अन्य प्रशासनिक योजनाओं का काम जबरन लिया जा रहा है।
पेंशन में कटौती, FIR और लाठीचार्ज से आक्रोश
वर्करों ने आरोप लगाया कि गलत पेंशन भुगतान का बहाना बनाकर उनकी पेंशन काटने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हक मांगने पर वर्करों पर लाठीचार्ज किया गया और पुलिस केस दर्ज किए गए। संकट की इस घड़ी में किसी भी सीडीपीओ (CDPO) या सुपरवाइजर ने उनका साथ नहीं दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 35-35 सालों से निस्वार्थ सेवा दे रही वर्करों को कोई वित्तीय लाभ नहीं दिया जा रहा है, जबकि सरकारी काम अब निजी एनजीओ (NGOs) को सौंपे जा रहे हैं।
पंजाब स्तर पर महा-आंदोलन का अल्टीमेटम
केंद्र सरकार और भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि पंजाब में पैर जमाने का सपना देख रही भाजपा को राज्य की महिलाएं कभी स्वीकार नहीं करेंगी। वर्करों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत अमल नहीं किया गया, तो 1 और 2 दिसंबर को राज्यभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
