जालंधर। जालंधर नॉर्थ विधानसभा सीट से AAP के हलका इंचार्ज रहे और 2 बार विधायक का चुनाव लड़ चुके दिनेश ढल्ल ने आज भाजपा जॉइन कर ली है। सूबा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने उन्हें बीजेपी में शामिल करवाया। इससे पहले दिनेश ढल्ल ने होटल रेडिसन में पंजाब भाजपा प्रधान से मुलाकात की और पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई।
ढल्ल के बीजेपी में जाने के साथ ही जालंधर सेंट्रल से AAP के MLA के नाम को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि रमन अरोड़ा भी बीजेपी जॉइन कर सकते हैं। हालांकि, अरोड़ा की तरफ से ऐसी किसी भी चर्चा की पुष्टि नहीं की गई है।
जालंधर सेंट्रल से मेयर विनीत धीर को आप की तरफ से हलका इंचार्ज बनाए जाने के बाद से ही चर्चा थी कि दिनेश ढल्ल पार्टी बदल सकते हैं। कांग्रेस में पुराने प्रतिद्वंद्वी होने के चलते उनके जाने के चांस पहले से ही कम थे। ऐसे में उनके पास बीजेपी ही विकल्प बचा था।
ढल्ल पार्टी हाईकमान से नाराज चल रहे थे
विनीत धीर के हलका इंचार्ज बनने के बाद से ढल्ल पार्टी हाईकमान से नाराज चल रहे थे। हलका इंचार्ज से हटने के बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वक्त आने पर पता चल जाएगा कि वह क्या स्टेप लेंगे। एक दिन पहले जालंधर नॉर्थ हलके में आम आदमी पार्टी ने भाजपा सहित कांग्रेस और अकाली दल के 13 वर्करों को अपने साथ जोड़ा था। आप ने कहा था कि बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल से लंबे समय से जुड़े कई प्रमुख दिग्गजों और परिवारों ने अपनी पुरानी पार्टियों को अलविदा कहकर आप जॉइन की है। यह जॉइनिंग मुख्यमंत्री पंजाब के OSD राजबीर सिंह घुम्मन की अगुवाई और हलका इंचार्ज व मेयर विनीत धीर के दिशा-निर्देशों में संपन्न हुई।
आप नशा खत्म नहीं कर पाई, इसलिए छोड़ी- आप छोड़कर भाजपा में आए दिनेश ढल्ल ने अपनी पूर्व पार्टी की नीतियों और कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में वे इस उम्मीद के साथ ‘आप’ में शामिल हुए थे कि पार्टी पंजाब से नशे का खात्मा करेगी और पारदर्शी प्रशासन देगी। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि आज पंजाब में नशा पहले से भी अधिक पैर पसार चुका है। उन्होंने चिंता जताई कि पड़ोसी देश की साजिशों के कारण पंजाब की युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में है, लेकिन वर्तमान सरकार नशे पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
कुरीतियों के खिलाफ काम करते रहेंगे
पद की जगह समाज सेवा को बताया प्राथमिकता-दिनेश ढल्ल ने अपनी भावी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके लिए केवल चुनाव लड़ना या पद पाना ही जीवन का एकमात्र उद्देश्य नहीं है। वे पिछले 25 वर्षों से युवाओं और समाज सेवा से जुड़ी राजनीति करते आए हैं और आगे भी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ काम करते रहेंगे। आगामी चुनावों में टिकट की दावेदारी के सवाल पर उन्होंने साफ किया कि वे खुद किसी टिकट की मांग नहीं करेंगे; पार्टी शीर्ष नेतृत्व जो भी जिम्मेदारी सौंपेगा, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया जाएगा।
