उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच को कथित तौर पर ‘गंगाजल से शुद्ध’ किए जाने और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज होने के विरोध में सोमवार को पंजाब कांग्रेस ने जालंधर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ विशाल विरोध प्रदर्शन किया।
जालंधर के ‘देशभगत मेमोरियल हॉल’ में एकत्र हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर जातिवादी मानसिकता फैलाने और संविधान में निहित सामाजिक समानता के अधिकार पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया।
इस प्रदर्शन के दौरान पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, मोहम्मद सादिक और परगट सिंह सहित कई प्रमुख चेहरे उपस्थित रहे।
दलित समाज के अपमान और ‘संगत-पंगत’ की परंपरा पर हमला: कांग्रेस
आदमपुर से कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में रैली के बाद भाजपा नेताओं द्वारा मंच को ‘साफ़’ करना देश के गरीब और दलित वर्ग का सीधा अपमान है:
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समानता का संदेश: कोटली ने कहा कि पंजाब गुरुओं और पीरों की पवित्र धरती है, जिसने पूरी दुनिया को ‘संगत और पंगत’ (समानता और आपसी भाईचारे) का मार्ग दिखाया है। भाजपा की ऐसी नीतियां समाज को बांटने वाली हैं।
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राहुल गांधी पर FIR का विरोध: राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निंदनीय बताते हुए कोटली ने कहा कि जब भी कोई नेता जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाता है, तो सत्ताधारी दल ऐसी कार्रवाइयां करता है।
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भाजपा को सीधी चुनौती: कांग्रेस नेताओं ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे राहुल गांधी को गिरफ्तार करके दिखाएं। कांग्रेस पार्टी महंगाई, बेरोजगारी और जन-मुद्दों से ध्यान भटकाने वाली इस राजनीति के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी।
जालंधर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन का संक्षिप्त विवरण
| मुख्य पहलू | विवरण / महत्वपूर्ण तथ्य |
| विरोध का स्थान | देशभगत मेमोरियल हॉल, जालंधर (पंजाब) |
| मुख्य मुद्दे |
1. हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद मंच का कथित ‘शुद्धिकरण’
2. राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR |
| प्रमुख शामिल नेता | चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर रंधावा, परगट सिंह, मोहम्मद सादिक, सुखविंदर कोटली |
| कांग्रेस का आरोप | भाजपा द्वारा संविधान, सामाजिक समानता और दलित समाज का अपमान |
| मुख्य मांग/रुक | जातिगत राजनीति बंद हो, संवैधानिक अधिकारों और समानता की रक्षा हो |
