लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के अनादर (बेअदबी) के विरोध में दलित और वाल्मीकि संगठनों द्वारा आज जालंधर बंद का आह्वान किया गया है। संगठनों ने सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक शहर के बाजारों, रेहड़ी-फड़ी, सरकारी दफ्तरों और बैंकों को बंद रखने की अपील की है।

‘भगवान वाल्मीकि शक्ति क्रांति सेना पंजाब’ के अध्यक्ष राजीव गोरा और ‘भीम क्रांति सेना’ के अध्यक्ष गौरव वाल्मीकि ने बंद का मुख्य ऐलान किया है। हालांकि, आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संगठनों ने हाईवे जाम न करने की बात कही है।
इमरजेंसी सेवाओं और परीक्षाओं को राहत; डॉ. अंबेडकर चौक पर मुख्य धरना
प्रदर्शनकारी संगठनों ने बंद के दौरान आम नागरिकों और छात्रों की सहूलियत का विशेष ध्यान रखा है:
-
आपातकालीन सेवाओं को छूट: अस्पतालों, क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर जैसी अति-आवश्यक सेवाओं को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
-
स्कूल-कॉलेज खुले रहेंगे: बच्चों की जारी परीक्षाओं और पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद न कराने का निर्णय लिया गया है।
-
मुख्य धरना स्थल: संगठनों द्वारा जालंधर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक (नकोदर चौक) पर मुख्य धरना दिया जाएगा।
-
व्यापारियों का समर्थन: नेताओं ने शहर के व्यस्ततम रैनक बाजार (Rainak Bazar) सहित अन्य व्यापारिक एसोसिएशनों से समर्थन मिलने का दावा किया है।
कल (11 सितंबर) ‘अमृतसर बंद’ की चेतावनी
विवाद की आंच अब राज्य के अन्य शहरों तक पहुंच गई है:
-
11 सितंबर को अमृतसर बंद का अल्टीमेटम: अमृतसर में दलित समाज से जुड़ी यूनियनों ने 11 सितंबर को ‘अमृतसर बंद’ रखने का अल्टीमेटम दिया है। नेताओं का कहना है कि जब तक पुलिस प्रशासन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करता, तब तक राज्यव्यापी संघर्ष जारी रहेगा।
-
लुधियाना में दिखा था मिला-जुला असर: बीते दिन लुधियाना बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला था, जहां दुकानें आंशिक रूप से खुली रहीं, लेकिन जालंधर बाईपास चौक पर 6 घंटे के चक्का जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
