Raid: (मेजर टाइम्स) प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत दर्ज आपराधिक मामले में रियल एस्टेट दिग्गज टीडीआई (TDI) ग्रुप के चेयरमैन रविंदर तनेजा और उनके व्यावसायिक व आवासीय ठिकानों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया है। ईडी की यह कार्रवाई बहुचर्चित गुरुग्राम-मानेसर लैंड स्कैम (Manesar Land Scam) की जांच की कड़ी में की गई है। तीन दिनों तक चले इस तलाशी अभियान के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने करीब ₹8 करोड़ मूल्य की लग्जरी गाड़ियों सहित भारी मात्रा में अपराध-संकेती दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।
अतुल बंसल के ABWIL ग्रुप संग फर्जी शेल कंपनियों से लेनदेन का आरोप
ईडी की जांच के अनुसार, 2005 से 2007 के बीच मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला में किसानों से सस्ती दरों पर जमीन अधिग्रहण के दौरान TDI ग्रुप ने बतौर मध्यस्थ (Intermediary) काम किया। इसके लिए M/s Indo Asian Construction, M/s NCR Properties जैसी तीन फर्जी शेल कंपनियां बनाकर जमीनें खरीदी गईं और बाद में उन्हें अतुल बंसल के एबीडब्ल्यूआईएल (ABWIL) ग्रुप को ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध लाभ कमाया गया।
शुरुआती वित्तीय जांच में सामने आया है कि टीडीआई ग्रुप ने इस फर्जीवाड़े और विवादित लेनदेन के जरिए करोड़ों रुपये का शुद्ध अवैध मुनाफा कमाया।
रेंज रोवर और मर्सिडीज समेत ₹8 करोड़ की 4 लग्जरी कारें जब्त
रेड के दौरान ईडी अधिकारियों ने टीडीआई ग्रुप के परिसरों से वित्तीय अनियमितताओं को साबित करने वाले डिजिटल एविडेंस और लग्जरी गाड़ियां अपने कब्जे में ली हैं:
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रेंज रोवर (Range Rover): अनुमानित मूल्य लगभग ₹4.50 करोड़।
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मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास (Mercedes-Benz S-Class): अनुमानित मूल्य ₹1.80 करोड़।
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मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास व लेक्सस ES: करीब ₹90 लाख की मर्सिडीज ई-क्लास और ₹72 लाख की लेक्सस कार।

CBI की FIR के आधार पर PMLA के तहत कसता जा रहा शिकंजा
यह पूरा मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा गुरुग्राम-मानेसर में तत्कालीन सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग कर किसानों को डरा-धमकाकर सस्ते दामों पर जमीन हड़पने और बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के आरोप में दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) से जुड़ा हुआ है। ईडी अधिकारियों का कहना है कि जब्त डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और शेल कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में टीडीआई ग्रुप और उसके शीर्ष अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ना तय माना जा रहा है।
