
बिना अनुमति आयोजन का प्रयास; BNSS धारा 163 का उल्लंघन
प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने आयोजन पर रोक लगाने के निम्नलिखित कारण और निर्देश स्पष्ट किए हैं:
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आयोजक ने नहीं ली कोई अनुमति: चंडीगढ़ की एसएसपी (SSP) कंवरदीप कौर के अनुसार, इस विशाल जनसभा/आयोजन के लिए आयोजक की तरफ से पुलिस या जिला प्रशासन से कोई औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी।
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कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर भीड़ जमा करना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन है। इसके लिए आयोजक को लिखित में नोटिस जारी किया जा रहा है।
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बदले-बदले बयान: ‘राजा डी किंग’ ने पहले खुद मौके पर मौजूद रहकर आईफोन बांटने का दावा किया था, लेकिन विवाद बढ़ता देख बाद में बयानों से पलटते हुए इसे ऑनलाइन लकी ड्रॉ में बदलने की बात कही।
पुराने ‘पेट्रोल लंगर’ विवाद और भीड़ के खतरे से सतर्क प्रशासन
आयोजन पर रोक लगाने के पीछे पहले हुए एक विवादित कार्यक्रम का भी हाथ है:
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पेट्रोल लंगर में मची थी अव्यवस्था: इससे पहले भी राकेश त्रेहान द्वारा ‘पेट्रोल लंगर’ का दावा किया गया था, जहाँ भारी बारिश के बीच भारी अव्यवस्था फैल गई थी और अंततः कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था।
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डीसी ने दिए सख्त निर्देश: चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर (DC) निशांत कुमार यादव ने पुलिस को 22 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम को हर हाल में रोकने के निर्देश दिए हैं।
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प्रशासन का सुझाव: डीसी ने आयोजक को नसीहत दी कि अगर वे समाज सेवा करना चाहते हैं, तो इस तरह भीड़ जुटाकर महंगे फोन बांटने के बजाय वृद्धाश्रमों, अनाथालयों या ज़रूरतमंदों की मदद में यह धन लगाएं।
