जालंधर (मेजर टाइम्स)। पंजाब भर के नगर सुधार ट्रस्टों (Improvement Trusts) से सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों की एक विशेष व महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 20 सितंबर 2026 को ‘विरासत विहार भवन’ में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता श्री आर.ए. सुमन ने की। बैठक के दौरान राज्य भर के विभिन्न ट्रस्टों से पहुंचे पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों, पेंशन वितरण में आ रही प्रशासनिक समस्याओं और ट्रस्टों की मौजूदा वित्तीय स्थिति पर गहन विचार-विमर्श किया।

पेंशन फंड बकाया पर चिंता; सरकार के पास योगदान जमा न करने का आरोप
बैठक के दौरान पेंशनभोगियों ने ट्रस्टों की वित्तीय अनदेखी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया:
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पेंशन योगदान जमा कराने में विफलता: बैठक में यह गंभीर तथ्य सामने आया कि पंजाब के कई नगर सुधार ट्रस्ट सरकार द्वारा तय अनिवार्य पेंशन योगदान को समय पर सरकारी खाते में जमा करने में विफल रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप ट्रस्टों पर पेंशन फंड का भारी बकाया जमा हो चुका है।
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सरकारी खाते में राशि जमा कराने की मांग: एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर संबंधित ट्रस्टों के उच्च अधिकारियों व स्थानीय सरकार विभाग से तत्काल बकाया पेंशन फंड सरकार के पास जमा कराने का पुरजोर अनुरोध किया, ताकि पेंशनरों को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
हर ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करने के लिए बनेगी राज्य-स्तरीय रजिस्टर्ड एसोसिएशन
पेंशनभोगियों के अधिकारों की रक्षा और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक नया संगठनात्मक ढांचा तैयार करने का फैसला लिया गया:
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राज्य-स्तरीय संस्था का गठन: पंजाब के सभी सुधार ट्रस्टों का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक ‘राज्य-स्तरीय पेंशन एसोसिएशन’ (State-Level Pensioners Association) को पंजीकृत (Register) कराने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
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शिकायत निवारण प्रणाली: यह रजिस्टर्ड राज्य-स्तरीय संस्था किसी भी ट्रस्ट के खिलाफ पेंशनभोगी की व्यक्तिगत या सामूहिक शिकायतों के समाधान के लिए सीधे पंजाब सरकार और संबंधित विभाग से संपर्क कर समाधान सुनिश्चित करेगी।
12 वर्षों से नई विकास योजनाओं का अभाव; सरकार का ध्यान खींचने की रणनीति
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ट्रस्टों की कार्यप्रणाली पर सवाल: पेंशनरों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों से पंजाब के नगर सुधार ट्रस्टों द्वारा कोई नई बड़ी विकास योजना (Development Schemes) शुरू नहीं की गई है। इसके कारण ट्रस्टों की आय घट रही है और उनकी कार्यप्रणाली चिंताजनक बनी हुई है।
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सरकार के समक्ष उठेगा मुद्दा: एसोसिएशन ने फैसला किया कि ट्रस्टों को पुनर्जीवित करने और नई विकास योजनाएं शुरू कराने के लिए पंजाब सरकार और नगर स्थानीय निकाय विभाग का ध्यान इस ओर विशेष रूप से आकर्षित किया जाएगा।
