चंडीगढ़ (मेजर टाइम्स)। Breaking News: चंडीगढ़ को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए नगर निगम (MC Chandigarh) ने नियमों को बेहद सख्त करने की तैयारी कर ली है। ‘Solid Waste Management 2026’ के तहत निगम ने एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने, खुले में कचरा फेंकने, पत्तियां व कचरा जलाने और घरों व दुकानों से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग (Segregation) न करने पर भारी चालान और जुर्माने के कड़े प्रावधान किए गए हैं। इस नए एजेंडे को 22 सितंबर को होने वाली नगर निगम हाउस की आधिकारिक बैठक में चर्चा और मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

खुले में कचरा जलाने पर ₹25,000 तक का चालान; सार्वजनिक डस्टबिन का दुरुपयोग पड़ेगा भारी
नगर निगम द्वारा तैयार किए गए नए जुर्माना ढांचे का ब्योरा निम्नलिखित है:
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सार्वजनिक स्थान पर गंदगी: रास्तों या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा थूकने या फैलाने पर ₹500 का स्पॉट फाइन प्रस्तावित है।
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खुले में कचरा फेंकना व डस्टबिन का दुरुपयोग: सड़कों या खुले स्थानों में कचरा फेंकने पर ₹15,000 तक का भारी जुर्माना तय किया गया है। साथ ही, सार्वजनिक (कम्युनिटी) डस्टबिन में घरेलू या व्यावसायिक कचरा डालने पर भी ₹15,000 का चालान कटेगा।
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कचरा जलाने पर सख्ती: शहर में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए खुले में कचरा, सूखी पत्तियां या प्लास्टिक जलाने वालों पर ₹10,000 से लेकर ₹25,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
कचरे की 4 कैटेगरीज में छंटाई अनिवार्य; न करने पर कटेगा चालान
प्रस्ताव में कचरे के सही निस्तारण के लिए सोर्स सेग्रिगेशन (Source Segregation) पर विशेष जोर दिया गया है:
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4 श्रेणियों में अलग करना होगा कचरा: निवासियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपना कचरा चार अलग-अलग श्रेणियों (गीला, सूखा, हानिकारक व सैनिटरी वेस्ट) में बांटकर ही सफाई कर्मचारियों को देना होगा।
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नियम उल्लंघन पर जुर्माना: यदि किसी घर द्वारा कचरा अलग-अलग नहीं किया जाता, तो उस पर ₹400 का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी चालकों के लिए यह जुर्माना ₹1,000 प्रस्तावित है।
हर साल 5% बढ़ेगी यूजर फीस; एडवांस भुगतान पर मिलेगी विशेष छूट
कचरा प्रबंधन के एवज में ली जाने वाली मासिक यूजर फीस में भी व्यवस्थागत बदलाव की योजना है:
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वार्षिक 5% ऑटो-हाइक व सरचार्ज: यूजर फीस और चालान दरों में प्रतिवर्ष 1 जनवरी को 5 फीसदी की स्वतः (Automatic) बढ़ोतरी का प्रावधान है। बिल जारी होने के 30 दिनों के भीतर भुगतान न करने पर 10% लेट पेमेंट सरचार्ज लगेगा, जिसे पानी के बिल या प्रॉपर्टी टैक्स में जोड़कर वसूला जा सकेगा।
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एडवांस भुगतान पर छूट:
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1 साल की फीस एडवांस देने पर: 12 महीने की जगह केवल 10 महीने का शुल्क देना होगा (2 महीने की छूट)।
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6 महीने की फीस एडवांस देने पर: 6 महीने की जगह 5.5 महीने का ही शुल्क लगेगा।
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22 सितंबर को नगर निगम हाउस की बैठक में पार्षदों की मंजूरी मिलने के बाद ही इन नए नियमों और शुल्क दरों को शहर भर में लागू किया जाएगा।
