जालंधर के प्रसिद्ध सराफा बाजार स्थित हनुमान चौक पर सोमवार को जीएसटी (GST) विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई से पूरे सराफा बाजार के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। जीएसटी अधिकारियों की विशेष टीम ने ‘वी.के. ज्वैलर्स’ (V.K. Jewellers) नामक आभूषण शोरूम में दबिश देकर स्टॉक, बिलिंग, कंप्यूटर डेटा और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

करीब दो घंटे तक चली जीएसटी रेड
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दस्तावेजों और खातों की जांच: अधिकारियों द्वारा शोरूम की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, डिजिटल बिलिंग सिस्टम और वित्तीय लेन-देन के आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है।
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टैक्स चोरी का आंकलन जारी: यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। हालांकि, जांच में क्या खामियां मिली हैं और कितने रुपये की जीएसटी चोरी का मामला बनता है, इसका आधिकारिक खुलासा जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।
जीएसटी विभाग की ग्राहकों से अपील: ‘हमेशा लें पक्का इनवॉइस’
टैक्स चोरी रोकने और बुलियन मार्केट में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जीएसटी विभाग ने आम जनता और व्यापारियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं:
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खरीद का पक्का बिल लें: ग्राहक जब भी सोने, चांदी या हीरे के आभूषण खरीदें, तो दुकानदार से पक्का जीएसटी इनवॉइस अनिवार्य रूप से लें।
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ग्राहकों का फायदा: पक्का बिल न केवल टैक्स चोरी पर अंकुश लगाता है, बल्कि आभूषणों की शुद्धता (Hallmarking) की गारंटी देता है और भविष्य में री-सेल या एक्सचेंज के दौरान ग्राहक के कानूनी अधिकारों को सुरक्षित रखता है।
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व्यापारियों को सलाह: विभाग ने सभी ज्वैलर्स को अपने स्टॉक का सही लेखा-जोखा रखने और नियमानुसार ही बिल जारी करने की चेतावनी दी है।
