लुधियाना के आत्मा पार्क के पास पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में मारे गए दो शूटरों की शिनाख्त को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पंजाब पुलिस के पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (PAIS) द्वारा फेस रिकग्निशन में एक मृतक की गलत पहचान हो गई थी। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि मृतक अमृतसर का संदीप नहीं, बल्कि जालंधर के धीणा गांव का 18 वर्षीय गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी था।
AI फेस रिकग्निशन से ऐसे हुई चूक
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जब मृतकों के चेहरों की तस्वीरें PAIS ऐप में अपलोड कीं, तो एआई सिस्टम ने एक मृतक की पहचान करनजोत सिंह उर्फ नोनू और दूसरे की संदीप (अमृतसर) के रूप में दिखाई:
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चेहरे की समानता बनी वजह: जांच में सामने आया कि गुरप्रीत सिंह (गोपी) की शक्ल अमृतसर निवासी संदीप से काफी मिलती-जुलती थी, जिससे एआई तकनीक धोखा खा गई।
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फिजिकल वेरिफिकेशन में निकला जिंदा: शक होने पर पुलिस टीम जब अमृतसर पहुंची तो पता चला कि संदीप जिंदा है और जमानत पर बाहर है। इसके बाद दोबारा हुई शिनाख्त में मृतक की पहचान जालंधर निवासी गुरप्रीत सिंह (18) के रूप में हुई।
जालंधर फायरिंग केस में वांटेड थे दोनों शूटर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए दोनों शूटर (करनजोत और गुरप्रीत) जालंधर के थाना डिवीजन नंबर-5 में 20 जून 2026 को दर्ज हुए फायरिंग के एक मामले में वॉंटेड थे।
ब्लड डोनेशन कैंप में हमले का था टास्क, चलीं 25 गोलियां
13 सितंबर को आत्मा पार्क में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में विरोधी गैंग के सदस्यों पर हमले का इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी की थी:
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फायरिंग का जबाव: रोकने का इशारा करने पर बाइक सवार शूटरों ने पुलिस वाहन पर गोलियां चला दीं।
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25 राउंड गोलियां: पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों तरफ से करीब 25 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दोनों शूटर मौके पर ही ढेर हो गए।
सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत और डोनी बल का कनेक्शन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शूटरों को विदेश में बैठे गैंगस्टर शगनप्रीत (सिद्धू मूसेवाला का पूर्व मैनेजर) और डोनी बल के इशारे पर हमला करने का टास्क मिला था:
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पाक-निर्मित हथियार बरामद: डोनी बल पर शूटरों तक अत्याधुनिक हथियार पहुंचाने का शक है। एनकाउंटर के बाद बरामद हथियारों में से एक हथियार पाकिस्तान निर्मित पाया गया है।
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क्रॉस-बॉर्डर सप्लाई की जांच: पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि पाक सीमा से अमृतसर के रास्ते यह हथियार शूटरों तक कैसे पहुंचे।
