Milk Strike: हरियाणा (मेजर टाइम्स) हरियाणा में दूध के सरकारी व बाजार भाव बढ़ाने की मांग को लेकर किसान और पशुपालक संगठनों द्वारा 1 से 3 अक्टूबर तक राज्यव्यापी ‘दूध सप्लाई बंद’ (Milk Strike) रखने का ऐलान किया गया है। किसान संगठन गाय के दूध का रेट ₹80 प्रति लीटर और भैंस के दूध का रेट ₹100 प्रति लीटर तय करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, आंदोलन के पहले दिन सिरसा जिले को छोड़कर राज्य के कुरुक्षेत्र, अंबाला, फरीदाबाद और जींद जैसे प्रमुख जिलों में इस हड़ताल का कोई व्यापक असर देखने को नहीं मिला और वीटा (VITA) व अमूल (Amul) की सप्लाई सामान्य रूप से जारी रही।
सिरसा में वीटा प्लांट पर किसानों का प्रदर्शन
हड़ताल के पहले दिन सिरसा जिला आंदोलन का मुख्य केंद्र बना रहा:
प्लांट के बाहर धरना: गुरुवार दोपहर बाद राष्ट्रीय किसान संगठन के झंडे तले दर्जनों किसानों ने सिरसा स्थित वीटा मिल्क प्लांट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्लांट में प्रवेश कर रहे दूध आपूर्ति वाहनों को रोकने की कोशिश की गई।
प्रशासन अलर्ट पर: वीटा सिरसा के सीईओ (CEO) दिनेश मेहता ने बताया कि सुबह की सप्लाई पूरी तरह सामान्य रही। उन्होंने किसी भी अनहोनी या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को लिखित पत्र भेजा है, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर किसानों से बातचीत कर रहा है।
कुरुक्षेत्र, अंबाला, जींद और फरीदाबाद में सप्लाई सामान्य
वीटा और निजी डेयरी कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार राज्य के अन्य हिस्सों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है:
कुरुक्षेत्र व जींद: वीटा मिल्क प्लांट कुरुक्षेत्र के सेल्स मैनेजर देव त्यागी और जींद प्लांट के सीईओ नरेंद्र धानिया ने पुष्टि की कि रोजाना की तरह क्रमशः 13-14 हजार लीटर और 1.36 लाख लीटर दूध की सप्लाई बिना किसी बाधा के पूरी की गई।
अंबाला व फरीदाबाद: अंबाला के सेक्टर-9 वीटा बूथ हेड गुरप्रीत सिंह और फरीदाबाद के अमूल डिस्ट्रीब्यूटर अमन शाह ने बताया कि शहरों में दूध का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। फरीदाबाद शहर में प्रतिदिन लगभग 5.10 लाख लीटर दूध की दैनिक खपत बिना रुकावट जारी रही।
दूध बेचने वालों पर ₹51 हजार जुर्माने की चेतावनी
किसान संगठनों ने आंदोलन को कड़ा करने के लिए कई कड़े फैसले लिए हैं:
₹51,000 जुर्माना व गाड़ियां जब्त करने की चेतावनी: राष्ट्रीय किसान संगठन हरियाणा के नेता जसवीर भाटी ने बताया कि 1 से 3 अक्टूबर के दौरान वीटा, वेरका, अमूल जैसी कंपनियों या निजी डेयरियों को दूध बेचने वाले पशुपालकों पर ₹51,000 का जुर्माना लगाने और गाड़ियां जब्त करने का फैसला किया गया है।
गांव-गांव में मुनादी: किसान नेताओं का दावा है कि राजस्थान और पंजाब के पशुपालकों से समर्थन जुटाया गया है तथा गांवों में ढोल बजाकर (मुनादी करवाकर) कमेटियों के जरिए दूध न बेचने की अपील की गई है। हालांकि, हिसार समेत कई जिलों के किसानों ने पहले ही इस हड़ताल से दूरी बना ली थी।
दूध खरीदना व सप्लाई गाड़ी भेजना संवैधानिक मजबूरी
सिरसा वीटा मिल्क प्लांट जोन-1 के निदेशक प्रतिनिधि विनोद कुमार ने स्पष्ट किया कि वीटा एक सहकारी समिति (Cooperative) है। जब तक बोर्ड या सरकार से सप्लाई रोकने के लिखित आदेश नहीं आते, तब तक दूध एकत्रीकरण के लिए गाड़ियां गांवों और सोसायटियों में भेजी जाती रहेंगी। दूध देना या न देना पूरी तरह से संबंधित डेयरी संचालकों और किसानों की व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करता है।
