Raja Warring Resignation: (मेजर टाइम्स) वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिल रहा है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट द्वारा हाईकमान को सौंपी गई रिपोर्ट और राहुल गांधी के निर्देशों के बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद संगरूर से पूर्व सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री विजयइंदर सिंगला का नाम नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, सिंगला की संभावित ताजपोशी से पहले ही पार्टी में अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी एक बार फिर सतह पर आ गई है।
राहुल गांधी के फोन के बाद राजा वड़िंग का इस्तीफा
राजा वड़िंग के इस्तीफे से जुड़े मुख्य पहलू:
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सचिन पायलट की रिपोर्ट और राहुल गांधी का निर्देश: पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने राजा वड़िंग को फोन कर 2027 में कांग्रेस की सरकार बनाने का हवाला दिया और अध्यक्ष पद छोड़ने का निर्देश दिया। वड़िंग ने बिना किसी विरोध के पद से हटने की पेशकश स्वीकार कर ली।
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चंडीगढ़ में मीडिया को दिया गोलमोल जवाब: पद छोड़ने के बाद चंडीगढ़ पहुंचे राजा वड़िंग ने कहा कि संगठन से जुड़ी कुछ बातें आंतरिक होती हैं। उन्होंने मॉर्निंग वॉक से लौटने के बाद पत्रकारों से कहा कि वह फ्रेश होकर सही समय पर विस्तृत जानकारी देंगे।
विजयइंदर सिंगला की रेस में आगे होने की 3 प्रमुख वजहें
राहुल गांधी के करीबी और साफ-सुथरी छवि: विजयइंदर सिंगला को राहुल गांधी के विश्वासपात्रों में गिना जाता है। इससे पहले भी जुलाई में फेरबदल के दौरान उनका नाम शीर्ष पर था।
दिल्ली में 2027 का रोडमैप तैयार: सूत्रों का दावा है कि हाईकमान सिंगला को दिल्ली बुलाकर 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी का विस्तृत प्लान समझा चुका है। 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) को नए अध्यक्ष के नाम का आधिकारिक ऐलान हो सकता है।
सिंगला का बयान: मीडिया में नाम चलने पर सिंगला ने कहा कि उन्हें इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं है और वह संगरूर में अपने कार्यकर्ताओं की बैठकों में व्यस्त हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि पार्टी हाईकमान जो भी जिम्मेदारी सौंपेगा, वह एक अनुशासित कार्यकर्ता की तरह उसे निभाएंगे।
चन्नी और रंधावा गुट की दिल्ली में दस्तक
सिंगला के नाम की चर्चा शुरू होते ही पार्टी के भीतर सियासी खींचतान शुरू हो गई है:
खड़गे से मिलने पहुंचे चन्नी और रंधावा: पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा दिल्ली पहुंच गए हैं, जहां वे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर अपने गुट का पक्ष रखेंगे। चन्नी गुट काफी समय से राजा वड़िंग को हटाने की मांग कर रहा था, हालांकि सार्वजनिक तौर पर चन्नी का कहना है कि अब कोई नाराजगी नहीं है और फैसला हाईकमान को करना है।
‘सिख बनाम हिंदू’ चेहरा का मुद्दा: सितंबर 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के बाद जब सुनील जाखड़ का नाम सीएम पद के लिए चला था, तब पार्टी के ही कुछ नेताओं ने सिख बहुल राज्य में गैर-सिख चेहरे का विरोध किया था। ठीक उसी तरह अब सिंगला (हिंदू चेहरा) को प्रधान बनाए जाने पर अंदरूनी विरोध की आशंका जताई जा रही है।
प्रताप सिंह बाजवा का तंज: पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) प्रताप सिंह बाजवा ने प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव पर चुटकी लेते हुए कहा कि “पंजाब में मौसम और कांग्रेस का प्रधान कभी भी बदल सकता है।”
