Punjab Haryana High Court DA Hearing: (मेजर टाइम्स) पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (DA/DR) और ₹14,200 करोड़ के बकाए एरियर से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी (मुख्य सचिव) केएपी सिन्हा को कंटेप्ट ऑफ कोर्ट (Contempt of Court) का नोटिस जारी करते हुए 9 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। अदालत ने चीफ सेक्रेटरी से हलफनामा मांगते हुए पूछा है कि गलत जानकारी देने और कोर्ट को गुमराह करने के आरोप में उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई (Criminal Proceedings) क्यों न शुरू की जाए।

“बहुत हो चुका, अब लुका-छिपी नहीं चलेगी” — हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) तो ई-फाइल कर दी, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रजिस्ट्री द्वारा लगाई गई 9 तकनीकी आपत्तियों को दूर नहीं किया गया।
बेंच ने टिप्पणी की, “सुप्रीम कोर्ट जाना आपका अधिकार है, लेकिन अगर आप आदेश लागू न कर सोशल मीडिया पर ट्वीट के जरिए फैसले को चुनौती देंगे, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार खुद अपने लिए कड़ी कार्रवाई की स्थिति पैदा कर रही है।”
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह पेंशनभोगियों और बुजुर्ग कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा है, जो वर्षों से अपने हक के बकाए का इंतजार कर रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें छठे वेतन आयोग के तहत केंद्रीय पैटर्न पर IAS, IPS अधिकारियों के समान 50% DA और ₹14,200 करोड़ का बकाया ब्याज सहित दिया जाए।
8 अप्रैल 2026: हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार को IAS अधिकारियों के बराबर कर्मचारियों को DA देने और 30 जून तक भुगतान करने का आदेश दिया।
3 अगस्त 2026: सरकार की अपील खारिज करते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 15 दिनों में भुगतान का अल्टीमेटम दिया और गैर-जरूरी विज्ञापनों पर रोक लगा दी।
27 अगस्त 2026: कर्मचारियों की महा-हड़ताल पर मान सरकार ने ‘नो वर्क, नो पे’ और शो-कॉज नोटिस लागू किया।
1 से 9 सितंबर 2026: कर्मचारियों की पेन-डाउन स्ट्राइक के आगे झुकते हुए सरकार ने शो-कॉज नोटिस वापस लिए और सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की।
27 सितंबर 2026: गतिरोध दूर करने के लिए मान सरकार ने 8% DA बढ़ाकर 42% से 50% करने का नोटिफिकेशन जारी किया, लेकिन पुराने बकाए पर बात नहीं बनी।
5 अक्टूबर 2026: हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ सेक्रेटरी KAP सिन्हा पेश हुए। कोर्ट ने पाया कि सुप्रीम कोर्ट में आपत्तियां दूर न करके सिर्फ समय बिताया जा रहा है और गलत तथ्य पेश किए जा रहे हैं।
9 अक्टूबर को दोबारा पेशी
हाईकोर्ट ने अपने स्टाफ को सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर याचिका का स्टेटस चेक करने का निर्देश दिया और पाया कि मामला केवल ई-फाइलिंग तक सीमित है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से पंजाब सरकार की SLP की स्थिति पर सीधी रिपोर्ट तलब की है। अब 9 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मुख्य सचिव को हाईकोर्ट के सामने उपस्थित होकर अवमानना व आपराधिक कार्रवाई के नोटिस पर अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
