(Major Times), जालंधर
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के आगाज से एक दिन पहले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम परिसर में भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी ओलंपियन सुरजीत सिंह की आदमकद कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। सोमवार को आयोजित समारोह में हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह और हॉकी जगत की अन्य प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
इस प्रतिमा को युवा व होनहार खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए उपस्थित अतिथियों ने महान खिलाड़ी के भारतीय हॉकी में योगदान को याद किया। यह समारोह पुरुषों की एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन से ठीक पहले हुआ।
नितिन कोहली और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया अनावरण
ओलंपियन सुरजीत सिंह की प्रतिमा का अनावरण हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह, ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंडेर, बलजीत सिंह ढिल्लों, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी जगदीप सिंह गिल और पटियाला फिजिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. हरमनप्रीत कौर ने संयुक्त रूप से किया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।
पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये से संवारा स्टेडियम
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को देखते हुए पंजाब सरकार ने ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम के नवीनीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने और खिलाड़ियों व दर्शकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
सरकार की ओर से स्टेडियम को पहले ही महान हॉकी खिलाड़ी सुरजीत सिंह के नाम समर्पित किया जा चुका है। अब इसके नवीनीकरण और आधुनिक सुविधाओं से लैस किए जाने को पंजाब में हॉकी के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
युवाओं को नशे से दूर रखने में खेलों की अहम भूमिका
समारोह में मौजूद हस्तियों ने कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी माध्यम हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य की गौरवशाली खेल विरासत को दोबारा मजबूत करने के लिए प्रयास कर रही है।
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ जैसे कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी को इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
1975 में भारत की हॉकी विश्व कप जीत में थी अहम भूमिका
ओलंपियन सुरजीत सिंह रंधावा भारतीय हॉकी के बेहतरीन डिफेंडरों में गिने जाते थे। उन्होंने अपनी शानदार रक्षात्मक क्षमता और खेल कौशल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई।
उन्होंने 1976 के मॉन्ट्रियल ओलंपिक, दो हॉकी विश्व कप और 1974 तथा 1978 के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1975 में कुआलालंपुर में आयोजित हॉकी विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
हॉकी में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी से पहले जालंधर में हॉकी का उत्साह
जालंधर में महान खिलाड़ी की प्रतिमा का अनावरण ऐसे समय हुआ है, जब शहर एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी के लिए तैयार है। सुरजीत हॉकी स्टेडियम में होने वाले मुकाबलों से शहर में हॉकी प्रेमियों के बीच उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।
प्रतिमा के माध्यम से महान खिलाड़ी की विरासत को सम्मान देने के साथ युवा खिलाड़ियों को भारतीय हॉकी के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का संदेश भी दिया गया है।
