शिरोमणि अकाली दल SAD (बादल) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद वरिंदर सिंह बाजवा का शनिवार को निधन हो गया। होशियारपुर जिले में पार्टी के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले बाजवा के निधन से अकाली दल और पंजाब के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर
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शुरुआती करियर: वरिंदर सिंह बाजवा ने 1980 के दशक में एक युवा नेता के रूप में अकाली दल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वर्ष 1995 में उन्हें होशियारपुर जिला इकाई का अध्यक्ष चुना गया।
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राज्यसभा सांसद: वे 2004 से 2010 तक पंजाब से राज्यसभा के सदस्य (MP) रहे।
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पार्टी में भूमिका: बाजवा शिरोमणि अकाली दल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर सेवा दे रहे थे। हालांकि, वे कुछ समय के लिए कांग्रेस में शामिल हुए थे, लेकिन 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने अकाली दल में वापसी कर ली थी।
सुखबीर सिंह बादल ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने वरिंदर सिंह बाजवा के निवास स्थान पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सोशल मीडिया (X) पर दुख साझा करते हुए सुखबीर बादल ने लिखा:
“वरिंदर सिंह बाजवा के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वे शिरोमणि अकाली दल परिवार का एक अहम हिस्सा थे और उन्होंने हर स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए दशकों तक अथक प्रयास किया। उनके बहुमूल्य योगदान और कुशल नेतृत्व को हमेशा याद रखा जाएगा।”
