जालंधर कैंट के गढ़ा रोड पर प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण के विरोध में उतरे स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों को अब नगर निगम का साथ मिल गया है। दुकानदारों द्वारा किए गए रोष प्रदर्शन में जालंधर नगर निगम के डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुबाना विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके व्यापार, ग्राहकों की आवाजाही और रोजी-रोटी से जुड़ी चिंताओं को सुना तथा उनकी मांगों को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया।

केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत है प्रोजेक्ट: सुबाना
डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुबाना ने फ्लाईओवर परियोजना के राजनीतिक और प्रशासनिक पहलू पर अपनी बात रखी:
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प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि: उन्होंने बताया कि गढ़ा रोड फ्लाईओवर का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा मंजूर किया गया है, जिसके उद्घाटन समारोह में भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू भी शामिल रहे थे।
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सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण आवश्यक: सुबाना ने कहा कि विकास कार्यों का मूल उद्देश्य जनता को सुविधा देना होता है, न कि उनके बने-बनाए कारोबार को उजाड़ना। किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लागू करते समय स्थानीय दुकानदारों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाने की मांग
डिप्टी मेयर ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी और वे स्वयं स्थानीय दुकानदारों और कैंट निवासियों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं:
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रोजगार पर खतरा न हो: गढ़ा रोड पर वर्षों से व्यापार कर रहे सैकड़ों दुकानदारों की आजीविका इसी क्षेत्र पर निर्भर है। यदि निर्माण कार्य के कारण ग्राहकों की पहुंच बाधित होती है या दुकानें प्रभावित होती हैं, तो इसका उचित विकल्प तलाशना जरूरी है।
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संवाद से निकलेगा हल: उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण शुरू करने से पहले प्रभावित व्यापारियों से बातचीत होनी चाहिए। अधिकारियों के समक्ष दुकानदारों का पक्ष रखकर ऐसा मध्यम मार्ग निकाला जाएगा जिससे विकास कार्य भी पूरा हो और व्यापारियों के नुकसान का समाधान भी हो सके।
व्यापारियों को दिया अनदेखी न होने का आश्वासन
प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने अपनी समस्याओं का ज्ञापन डिप्टी मेयर को सौंपा और उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी आवाज सुनेगा। डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुबाना ने दोहराया कि “जनता की आवाज ही हमारी आवाज है” और जालंधर कैंट के निवासियों तथा व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे हर मंच पर संघर्ष करने को तैयार हैं।
