पंजाब सरकार के कड़े विरोध और बहिष्कार के बीच जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। चंडीगढ़ स्थित पंजाब राज भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक व न्यायिक हस्तियां मौजूद रहीं। हालांकि, विरोध स्वरूप पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी सरकार का कोई भी प्रतिनिधि इस समारोह में शामिल नहीं हुआ।
सीएम भगवंत मान और हरपाल चीमा के गंभीर आरोप
-
संविधान और प्रक्रियाओं का उल्लंघन: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति पंजाब सरकार की सहमति के बिना की गई है। उन्होंने इसे ‘मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर’ (MoP) और संवैधानिक नियमों का सीधा उल्लंघन करार दिया।
-
पैराग्राफ 6 की अनदेखी: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर’ के पैराग्राफ 6 के तहत राज्य सरकार से राय और सहमति लेना अनिवार्य है, लेकिन केंद्र ने इस पूरी प्रक्रिया को दरकिनार (Bypass) कर दिया।
-
जस्टिस संधावालिया का उदाहरण: चीमा ने याद दिलाया कि जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस जी.एस. संधावालिया को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया था, तो मध्य प्रदेश सरकार ने दो महीने तक उस पर फैसला नहीं लिया, जिसके बाद कॉलेजियम ने उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट भेजा। चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब और उसके तीन करोड़ लोगों का बार-बार अपमान कर रही है।
मुख्य बिंदु एवं घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण
| मुख्य पहलू | विवरण / महत्वपूर्ण तथ्य |
| नवनियुक्त चीफ जस्टिस | जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा |
| शपथ दिलाने वाली शख्सियत | गुलाब चंद कटारिया (राज्यपाल, पंजाब) |
| समारोह का स्थान | पंजाब राज भवन, चंडीगढ़ |
| प्रमुख उपस्थिति | प्रो. असीम कुमार घोष (राज्यपाल, हरियाणा), नायब सिंह सैनी (सीएम, हरियाणा) |
| पंजाब सरकार का रुख | समारोह का बहिष्कार; नियुक्ति प्रक्रिया पर असहमति और विरोध |
| मुख्य आपत्ति | मुख्यमंत्री व राज्य सरकार से सहमति/सलाह न लेना (‘MoP’ का उल्लंघन) |
