Moga News: मोगा जिले के कोट इसे खां थाने में तैनात महिला एसएचओ (SHO) इंस्पेक्टर सुनीता बावा की रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। नशा तस्करी के एक केस में नामजद न करने के एवज में ₹1 लाख की रिश्वत मांगने और ₹50 हजार की पहली किश्त लेते रंगे हाथों धरी गई इंस्पेक्टर सुनीता बावा और उनके सरकारी गनमैन गुरअवतार सिंह से रिमांड के दौरान कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस अब आरोपी महिला अधिकारी की बेनामी संपत्तियों, पुराने विवादास्पद केसों और डिजिटल फॉरेंसिक रिकॉर्ड की गहन पड़ताल में जुट गई है।

कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक का सफर
विजिलेंस जांच में सामने आई आरोपी अधिकारी की पृष्ठभूमि:
2011 में हुई थी भर्ती: सुनीता बावा वर्ष 2011 में पंजाब पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुई थी। इसके बाद बी-1 परीक्षा पास कर हेड कांस्टेबल और फिर सब-इंस्पेक्टर (SI) पद पर पदोन्नत हुई। पदोन्नति के बाद वह मोगा जिले के कई थानों में बतौर प्रभारी (SHO) तैनात रही।
पुराना रहा है विवादों से नाता: विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, सुनीता बावा के खिलाफ भ्रष्टाचार की यह पहली शिकायत नहीं है। इससे पहले भी पुलिस विभाग और विजिलेंस के पास उसके खिलाफ दर्जनों शिकायतें पहुंच चुकी हैं, जिनकी जांच प्रक्रिया जारी है। विजिलेंस अब इन पुरानी लंबित फाइलों को पुन: खोलकर शिकायतकर्ताओं से संपर्क साध रही है।
कॉल रिकॉर्ड्स, चैट और डिजिटल फोरेंसिक जांच तेज
मोबाइल डेटा खंगाला जा रहा: विजिलेंस ब्यूरो आरोपी एसएचओ और गनमैन गुरअवतार सिंह के मोबाइल फोन की डिजिटल फोरेंसिक जांच करवा रहा है। डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज, चैट, और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन का डेटा रिकवर किया जा रहा है।
बिचौलियों और नेटवर्क की तलाश: विजिलेंस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पुलिस महकमे के भीतर या बाहर ऐसे कौन से बिचौलिए (Middlemen) सक्रिय थे, जो झूठे मुकदमों में लोगों को फंसाने या केस रफा-दफा करने के लिए मध्यस्थता करते थे।
आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज करने की तैयारी
प्रॉपर्टी के कागजात तलब: विजिलेंस की तकनीकी शाखा आरोपी सुनीता बावा और उनके परिजनों के नाम पर दर्ज मकान, प्लॉट, कृषि भूमि और कमर्शियल संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है।
बैंक खातों व लॉकरों की जांच: वैध आय (वेतन) के मुकाबले संपत्तियों के असंतुलन की जांच की जा रही है। विजिलेंस बैंकों को पत्र लिखकर उनके बैंक खातों, एफडी (FD) और लॉकरों की जानकारी हासिल कर रही है। साक्ष्य मिलने पर जल्द ही आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का एक और नया मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पुराने थानों की फाइलों की समीक्षा: आरोपी अधिकारी के पिछले कार्यकालों के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में बंद किए गए या रफा-दफा किए गए एनडीपीएस (NDPS) व अन्य मुकदमों की फाइलों की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
क्या था पूरा मामला?
26 सितंबर की रात विजिलेंस ब्यूरो मोगा ने नूरपुर हकीमा निवासी बलवंत सिंह की शिकायत पर जाल बिछाया था। जीरा रोड पर तय स्थान पर 50 हजार रुपये की रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए एसएचओ सुनीता बावा और होमगार्ड गनमैन गुरअवतार सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा है, जहाँ पूछताछ जारी है।
