वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की आहट के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। इसी कड़ी में जालंधर के जीटी रोड स्थित परागपुर इलाके में पार्टी की ओर से एक विशाल महारैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। यह रैली भाजपा द्वारा आयोजित 13 दिवसीय ‘नशा-मुक्त पंजाब यात्रा’ के औपचारिक समापन का प्रतीक है।
‘नशा-मुक्त पंजाब यात्रा’ का रिपोर्ट कार्ड
राज्य भर में नशा तस्करी और इसके सामाजिक दुष्प्रभावों के खिलाफ चलाई गई यह यात्रा कई मायनों में अहम रही है:
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18 सितंबर से शुरुआत: भाजपा ने इस राज्यव्यापी मार्च का आगाज 18 सितंबर को किया था।
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117 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचे नेता: यात्रा के दौरान राज्य के सभी 117 विधानसभा हलकों को कवर किया गया और करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय कर आम लोगों व पीड़ित परिवारों से सीधा संवाद साधा गया।
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4 यात्राओं का एक जगह संगम: राज्य के अलग-अलग कोनों से निकलीं चार प्रमुख नशा-विरोधी यात्राओं का जालंधर के परागपुर रैली स्थल पर महा-समापन हो रहा है।
60-63 एकड़ में विशाल पंडाल; 2,000 से अधिक बसों के लिए पार्किंग की व्यवस्था
रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने आयोजन स्थल पर बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं:
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भव्य वॉटरप्रूफ व एसी पंडाल: परागपुर (जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे) में लगभग 60 से 63 एकड़ जमीन पर विशाल पंडाल और मंच तैयार किया गया है। इसमें हजारों कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए कुर्सियां और एलईडी (LED) स्क्रीनें लगाई गई हैं।
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ट्रैफिक एवं पार्किंग मैनेजमेंट: पंजाब के माझा, मालवा और दोआबा क्षेत्रों से आने वाले समर्थकों की सुविधा के लिए 2,000 से ज्यादा बसों और हजारों छोटे वाहनों की अलग-अलग पार्किंग ज़ोन में व्यवस्था की गई है, ताकि नेशनल हाईवे पर आम जनता को असुविधा न हो।
2027 चुनाव का शंखनाद: राजनीतिक मायनों पर टिकी सभी की निगाहें
गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
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मुख्य मुद्दा नशा-मुक्ति: पंजाब में नशे का मुद्दा हमेशा से एक प्रमुख राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। भाजपा इस यात्रा के जरिए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर लॉ एंड ऑर्डर और नशा रोकने में नाकामी का आरोप लगाकर खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
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विपक्ष के सवाल: रैली से ठीक पहले विपक्षी दलों ने भी केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता परगट सिंह ने मांग की है कि सीमा पार से आ रहे नशे को रोकने में बीएसएफ (BSF) और केंद्रीय एजेंसियों की जवाबदेही पर भी गृह मंत्री स्थिति स्पष्ट करें।
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दिल्ली वापसी: रैली को संबोधित करने और पंजाब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को आगामी चुनावी रणनीति का दिशा-निर्देश देने के बाद अमित शाह वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
