Punjab Congress President: जालंधर (मेजर टाइम्स) वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद जालंधर कैंट से तीन बार के विधायक और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। 16 साल के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस ने दोआबा क्षेत्र से किसी नेता को सूबा प्रधान की कमान सौंपी है। इससे पहले वर्ष 2010 में दोआबा से मोहिंद्र सिंह केपी प्रदेश अध्यक्ष बने थे।

हाईकमान का यह कदम पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी गुटबाजी को समाप्त करने और दोआबा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को बेअसर करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
दोआबा की 23 सीटों पर नजर
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार परगट सिंह की ताजपोशी के पीछे प्रमुख क्षेत्रीय व राजनीतिक कारण हैं:
दोआबा में बीजेपी के बढ़ते कदम: हाल के महीनों में भाजपा ने दोआबा बेल्ट (जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, नवांशहर) में अपना राजनीतिक आधार तेजी से बढ़ाया है। जालंधर कैंट के परागपुर में गृह मंत्री अमित शाह की बड़ी महारैली और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखे जाने जैसे फैसलों के बाद भाजपा फ्रंटफुट पर दिख रही थी। कांग्रेस ने दोआबा के कद्दावर चेहरे परगट सिंह को आगे कर इस क्षेत्र में अपने कैडर को फिर से लामबंद किया है।
गुटबाजी पर लगाम और संतुलन: राजा वड़िंग (मालवा) और प्रताप सिंह बाजवा (माझा) के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच दोआबा से एक बेबाक और निर्विवाद चेहरे का चयन कर सचिन पायलट और हाईकमान ने चन्नी, बाजवा व वड़िंग धड़ों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। चरणजीत सिंह चन्नी गुट भी इस नियुक्ति को अपनी राजनीतिक जीत के रूप में देख रहा है।
हॉकी कप्तान की बेदाग छवि का मिलेगा लाभ
सामाजिक समीकरण में निरंतरता: राजा वड़िंग की तरह परगट सिंह भी जट्ट सिख समुदाय से आते हैं। हाईकमान ने सामाजिक ताने-बाने से छेड़छाड़ किए बिना संगठनात्मक नेतृत्व को बदलने को प्राथमिकता दी है।
ओलिंपियन की पहचान: भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन अवॉर्ड/पद्मश्री विजेता परगट सिंह की सार्वजनिक छवि एक साफ-सुथरे और अनुशासित नेता की रही है। पार्टी को उम्मीद है कि खेल जगत और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का लाभ आगामी चुनावों में गैर-पारंपरिक वोट बैंक को जोड़ने में मिलेगा।
अध्यक्ष के सामने दोहरी चुनौती: प्रदेश में संगठन की मजबूती और कैंट सीट बचाना
परगट सिंह के सामने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में चुनौतियां भी कम नहीं हैं:
2027 के लिए सर्वस्वीकार्य संगठन बनाना: मालवा, माझा और दोआबा के अलावा दलित, हिंदू और शहरी वोट बैंक को एक साथ साधकर पार्टी में गुटबाजी खत्म करना उनकी सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
अपनी सीट पर घटता मार्जिन: 2017 में जालंधर कैंट से बड़े अंतर से जीतने वाले परगट सिंह 2022 की ‘आप’ लहर में मात्र 5,808 वोटों के करीबी अंतर से अपनी सीट बचा पाए थे। अब पूरे राज्य की कमान संभालने के साथ-साथ अपने गृह क्षेत्र में पकड़ मजबूत रखना उनके लिए दोहरी जिम्मेदारी होगी।
घर पर जश्न का माहौल
परगट सिंह को PPCC अध्यक्ष बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा के बाद उनके जालंधर स्थित निवास पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ढोल बजाकर खुशियां मनाईं।
उनकी पत्नी बरिंदर कौर ने इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके परिवार के लिए यह दोहरी खुशी का अवसर है। उन्होंने बताया कि जिस दिन उनके पहले पोते ‘तेग’ का जन्म हुआ था, उसी दिन परगट सिंह पहली बार विधायक बने थे, और अब दूसरे पोते के जन्म के साथ उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। बरिंदर कौर ने कहा कि परगट सिंह एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं और वे दबाव व चुनौतियों का सामना करना अच्छी तरह जानते हैं; वह पंजाब के हक और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएंगे।
