Breaking News: रूपनगर (मेजर टाइम्स) जिले के नंगल स्थित लोअर पट्टी गांव के निवासी 24 वर्षीय गुरप्रीत सिंह को सऊदी अरब की एक अदालत द्वारा मौत की सजा (फांसी) सुनाए जाने का बेहद दुखद मामला सामने आया है। गुरप्रीत को करीब दो साल पहले सऊदी अरब में एक ट्रक से नशीले पदार्थ बरामद होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह अपने घर का इकलौता बेटा और एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। फैसले की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है और पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।

मस्कट से सऊदी गया था ट्रक ड्राइवर
घटनाक्रम और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी मुख्य जानकारियां:
घर का इकलौता सहारा: गुरप्रीत सिंह करीब 4 साल पहले आजीविका कमाने के लिए मस्कट (ओमान) गया था, जहां वह बतौर ट्रक ड्राइवर कार्यरत था। इसके बाद वह सऊदी अरब चला गया। गुरप्रीत के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और घर में केवल उसकी बुजुर्ग मां जसवंत कौर रहती हैं।
2 साल पहले ट्रक से मिला था नशा: मां जसवंत कौर के अनुसार, लगभग दो साल पहले सऊदी पुलिस ने गुरप्रीत के ट्रक की तलाशी के दौरान नशीले पदार्थ बरामद होने का दावा करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
षड्यंत्र का शिकार होने का दावा: परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि गुरप्रीत पूरी तरह बेकसूर है और उसे किसी गिरोह द्वारा झांसा देकर फंसाया गया है।
मां ने पीएम मोदी और सीएम मान से मांगी मदद
सरकार से गुहार: बुजुर्ग मां जसवंत कौर ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपने बेटे की जान बचाने की फरियाद की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।
पंचायत भी आई आगे: लोअर पट्टी गांव की सरपंच मोनिका देवी ने भी दुख व्यक्त करते हुए मांग की है कि केंद्र सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे को कूटनीतिक (Diplomatic) स्तर पर सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय और शीर्ष अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाना चाहिए।
मंत्री हरजोत बैंस का आश्वासन
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद हर संभव कानूनी और प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिया है:
विदेश मंत्रालय (MEA) से करेंगे संपर्क: मंत्री बैंस ने कहा कि गुरप्रीत सिंह की फांसी की सजा को माफ कराने या कम कराने के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के जरिए सऊदी अरब सरकार के समक्ष दया याचिका (Mercy Petition) दाखिल की जाएगी।
कूटनीतिक स्तर पर होगी कोशिश: उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास (Indian Embassy) के माध्यम से गुरप्रीत को कानूनी सहायता मुहैया कराने और उसकी सुरक्षित वतन वापसी के लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर केंद्र से लगातार समन्वय बनाए रखेगी।
