Minor Birth Case: पंजाब के लुधियाना स्थित जिला अदालत (कोर्ट कॉम्प्लेक्स) से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शनिवार को कोर्ट परिसर के रेस्ट रूम में 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़की ने एक नवजात शिशु को जन्म दिया। इस घटना के बाद एम्बुलेंस स्वास्थ्य सेवा की कथित भारी लापरवाही देखने को मिली, जहाँ नवजात बच्चे को समय पर अस्पताल न पहुँचाने के कारण उसकी मौत हो गई।

चीखें सुनकर रेस्ट रूम पहुँचे प्रत्यक्षदर्शी; 108 एम्बुलेंस को दी सूचना
घटना की जानकारी देते हुए प्रत्यक्षदर्शी संदीप ने पूरी आपबीती बताई:
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रेस्ट रूम से आई चीखने की आवाज: संदीप के अनुसार, शनिवार को उसने कोर्ट कॉम्प्लेक्स के रेस्ट रूम से एक लड़की के चीखने-चिलाने की आवाजें सुनीं। जब उसने अंदर जाकर देखा, तो नाबालिग लड़की बच्चे को जन्म दे चुकी थी।
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108 एम्बुलेंस की बड़ी लापरवाही: संदीप ने तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन किया। मौके पर पहुँची मेडिकल टीम नाबालिग प्रसूता को इलाज के लिए अपने साथ ले गई, लेकिन नवजात बच्चे को रेस्ट रूम की एक टेबल पर ही लावारिस छोड़ दिया।
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अस्पताल पहुँचने से पहले नवजात की मौत: बाद में जब अस्पताल के डॉक्टरों/स्टाफ ने बच्चे के बारे में पूछा और उसे मंगवाया, तब तक देरी हो जाने के कारण नवजात शिशु की जान जा चुकी थी।
आर्थिक बोझ के डर से प्रेमी ने छोड़ा; रूपनगर के युवक संग रहती थी पीड़िता
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प्रवासी नाबालिग थी पीड़िता: प्रत्यक्षदर्शी संदीप ने बताया कि नाबालिग लड़की प्रवासी समुदाय से है और रूपनगर (रोपड़) के रहने वाले एक युवक के साथ रह रही थी।
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गर्भवती होने पर भागा प्रेमी: खबरों के अनुसार, जब नाबालिग गर्भवती हो गई, तो आरोपी युवक आर्थिक तंगी और जिम्मेदारी के डर से उसे बेसहारा छोड़कर फरार हो गया।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी जांच शुरू कर दी है।
