LPU Controversy: जालंधर (मेजर टाइम्स)। फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में बीते दिनों छात्रा से कथित दुष्कर्म (Rape) की झूठी अफवाह के बाद भड़की हिंसा, तोड़फोड़ और उपद्रव के मामले में फगवाड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने डिजिटल एविडेंस (वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरों) के आधार पर हिंसा और उपद्रव में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फगवाड़ा अदालत में पेशी के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 3 दिन के पुलिस रिमांड (Police Remand) पर भेज दिया है।
डिजिटल सबूतों से हुई आरोपियों की पहचान; LPU स्टूडेंट और डिलीवरी बॉय शामिल
थाना सतनामपुरा और फगवाड़ा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों का विवरण:
आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टिब्बी मोहल्ला (फगवाड़ा) निवासी गगन, जेम्स दहिया और अभि के रूप में हुई है।
छात्र और डिलीवरी बॉय का कनेक्शन: पकड़े गए आरोपियों में जेम्स दहिया LPU का ही छात्र है, जबकि गगन डोमिनोज़ (Domino’s) में बतौर पिज्जा डिलीवरी बॉय काम करता है। तीसरा आरोपी अभि भी इस हिंसा में सीधा शामिल पाया गया है।
3 दिन की पुलिस रिमांड: पुलिस ने तीनों को फगवाड़ा कोर्ट में पेश कर 3 दिन का रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि हिंसा के पीछे किन बाहरी असामाजिक तत्वों और मास्टरमाइंड का हाथ था।
“मासूम है गगन, डेढ़ महीने पहले ही शुरू की थी नौकरी”
गगन की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उसके परिजन फगवाड़ा कोर्ट पहुंचे, जहां उसके मामा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए:
गुमशुदगी के बाद मिली सूचना: गगन के मामा ने बताया कि वह बीते दिन से अचानक लापता था। अदालत में पेशी से ठीक पहले गगन ने फोन कर परिजनों को अपनी गिरफ्तारी की जानकारी दी।
निर्दोष होने की दलील: परिजनों का कहना है कि गगन मात्र डेढ़ महीने पहले ही डोमिनोज़ में पिज्जा डिलीवरी की नौकरी पर लगा था और उसका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड (Criminal Record) नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस गिरफ्तारी के कारणों और दर्ज धाराओं के बारे में परिवार को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।
हिंसा में शामिल किसी भी उपद्रवी को नहीं बख्शा जाएगा
मामले की जांच कर रहे थाना सतनामपुरा के अधिकारियों ने 3 आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। जांच अधिकारियों का कहना है कि कैंपस के भीतर हुई तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट के डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन शांति व्यवस्था भंग करने और भ्रामक अफवाहें फैलाकर करोड़ों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले हर चेहरे को बेनकाब कर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
