Vote Theft : (मेजर टाइम्स): चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता और कथित ‘वोट चोरी’ (Electoral Fraud) के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी नीत सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत देश भर के लगभग 800 जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर और चुनावी मतदाता सूचियों में हेरफेर कर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
Watch Now: ‘Vote चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी हल्लाबोल
संविधान और वोट के अधिकार पर प्रहार का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता व विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु उठाए:
लगातार आगाह कर रहे राहुल गांधी: नेताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक मंचों के जरिए देश को चुनावी हेरफेर और फर्जीवाड़े के प्रति आगाह करते आ रहे हैं।
संवैधानिक अधिकारों का हनन: नेताओं ने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान देश के नागरिक को अपनी पसंद की सरकार चुनने का सर्वोच्च अधिकार प्रदान करता है। यदि जनता किसी सरकार से असंतुष्ट है, तो उसे बदलने का अधिकार भी लोकतंत्र ही देता है।
लोकतंत्र की नींव पर हमला: आरोप लगाया गया कि वोट देने और मतदाता सूची की निष्पक्षता के साथ छेड़छाड़ करना सीधे तौर पर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा और नींव पर करारा प्रहार है।
अकाली दल की नीयत पर उठाए निशान
राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने पंजाब के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के रुख पर भी तीखे प्रहार किए:
पंजाब के हितों से समझौते का आरोप: अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच अंदरूनी तालमेल और संभावित गठबंधन की चर्चाओं पर बोलते हुए नेताओं ने कहा कि अकाली नेताओं को राज्य और पंजाबियों के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए।
भाजपा के एजेंडे पर चलने का दावा: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब के अधिकारों, पानी, और बजटीय हक की वकालत करने के बजाय अकाली दल के कई वरिष्ठ नेता भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।
कांग्रेस के इतिहास का दिया हवाला
पार्टी का लंबा राजनीतिक सफर: नेताओं ने याद दिलाया कि पंजाब में कांग्रेस पार्टी का एक गौरवशाली और लंबा इतिहास रहा है। पार्टी ने राज्य को कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और प्रदेश अध्यक्ष दिए हैं जिन्होंने राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाई है।
नेताओं के पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया: हाल के दिनों में पुराने कांग्रेसी नेताओं द्वारा पार्टी छोड़े जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके पीछे हर नेता के अपने व्यक्तिगत या राजनीतिक कारण हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नेताओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन राजनीतिक दलों का परम कर्तव्य पंजाब के लोगों के अधिकारों और राज्य की खुशहाली के लिए लड़ना है।
जनता से संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की अपील
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेतृत्व ने देश और पंजाब की जनता से अपील की कि वे अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल जागरूक जनता ही कर सकती है, इसलिए किसी भी प्रकार की राजनीतिक धांधली और वोट चोरी के खिलाफ देशवासियों को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद रखनी होगी।
