Patiala Muncipal Corporation: पटियाला (मेजर टाइम्स)।पटियाला नगर निगम चुनावों में कथित अनियमितताओं और धांधली के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी (Fact-Finding Committee) की रिपोर्ट स्वीकार किए जाने पर विपक्ष और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे ‘लोकतंत्र और न्याय की जीत’ करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
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चुनावों में अनियमितताओं का आरोप: दिसंबर 2024 में आयोजित पटियाला नगर निगम चुनावों के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र फाड़े जाने, प्रक्रिया से बेदखल करने और मतदान में कथित हेरफेर/धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे।
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सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: उच्च न्यायालय के बाद यह मामला भारत के उच्चतम न्यायालय पहुँचा, जहाँ शीर्ष अदालत ने आरोपों की सच्चाई जांचने के लिए पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था।
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कमेटी की रिपोर्ट और नया चुनाव आदेश: फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी द्वारा अनियमितताओं और गड़बड़ियों की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए प्रभावित वार्डों/क्षेत्रों में पुनः निष्पक्ष चुनाव कराने तथा राज्य निर्वाचन आयोग से पूरा शेड्यूल पेश करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया
संविधान व लोकतंत्र की रक्षा: नेताओं ने कहा कि यह फैसला उन सभी नागरिकों और कार्यकर्ताओं की जीत है, जिन्होंने सत्ता और तंत्र के दबाव के आगे घुटने न टेकते हुए अपने मताधिकार और संविधान की गरिमा के लिए लड़ाई लड़ी।
जवाबदेही तय करने की मांग: उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने और फर्जीवाड़ा करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व व्यक्तियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
न्यायपालिका का आभार: नेताओं ने निष्पक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने और जनता के जनादेश का सम्मान सुरक्षित करने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय का आभार व्यक्त किया।
