जालंधर के बस्ती शेख इलाके में रविवार को बिजली विभाग और नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जलभराव के कारण बिजली के खंभे में आए करंट की चपेट में आने से एक घोड़े की दर्दनाक मौत हो गई। गनीमत यह रही कि घोड़े के साथ मौजूद बच्चे बाल-बाल बच गए। घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।

कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा बस्ती शेख स्थित छठवीं पातशाही गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुआ:
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लोहे की नाल से लगा झटका: पीड़ित घोड़ा मालिक अपने भांजे व बच्चों के साथ घास काटकर घर लौट रहा था। सड़क पर बारिश का पानी भरा हुआ था। जैसे ही घोड़ा पानी के बीच लगे बिजली के खंभे के पास से गुजरा, पैरों में लगी लोहे की नाल (खुरी) के कारण उसमें जोरदार करंट दौड़ गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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बाल-बाल बचे बच्चे: पीड़ित के अनुसार, उसके भांजे को भी करंट का झटका लगा था, लेकिन उसे तुरंत खींचकर बचा लिया गया।
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रोजी-रोटी का सहारा छीना: पीड़ित ने बताया कि उसने बड़ी मेहनत से यह घोड़ा खरीदा था, जो उसके परिवार के पालन-पोषण का एकमात्र जरिया था।
लापरवाही पर भड़के लोग, मुआवजे की मांग
हादसे के बाद इलाके के लोगों ने प्रशासन और पावरकॉम (PSPCL) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की:
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घंटे भर चालू रही सप्लाई: स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के करीब एक घंटे बाद तक भी बिजली विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा और बिजली की सप्लाई चालू रही, जिससे अन्य राहगीरों की जान को भी खतरा बना रहा।
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प्रशासन से मांग: लोगों ने मांग की है कि जर्जर व खतरनाक खंभों को तुरंत ठीक किया जाए और पीड़ित गरीब परिवार को बेजुबान पशु की मौत पर उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
